क्या आप जानते हैं कैसे होती है PM नरेंद्र मोदी की सुरक्षा :पीएम के विमान के उड़ान भरने से पहले पूरे इलाके को नो फ्लाइंग जोन में बदल दिया जाता है।

नरेंद्र मोदी भारत के ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिनकी जान को सबसे ज्यादा खतरा रहता है। कई आतंकी संगठनों के निशाने पर पीएम मोदी हैं।


नरेंद्र मोदी भारत के ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिनकी जान को सबसे ज्यादा खतरा रहता है। कई आतंकी संगठनों के निशाने पर पीएम मोदी हैं। इसलिए पीएम जहां से गुजरते हैं वहां जमीन से लेकर आसमान तक चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाती है। हम आपको बता रहे हैं कैसे होती है पीएम मोदी की सुरक्षा। 

मोदी की सिक्योरिटी मनमोहन सिंह की तुलना में दोगुनी है। वो जहां से गुजरते हैं वहां एसपीजी के जवान तैनात रहते हैं। उनकी सुरक्षा में विभिन्न घेरों के तहत एक हजार से ज्यादा कमांडो तैनात रहते हैं।

मोदी अति सुरक्षा वाली बुलेटप्रुफ बीएमडब्ल्यू 7 में सफर करते हैं। उनके काफिले में साथ-साथ ऐसी ही दो डमी कारें चलती हैं, ताकि हमलावर को भ्रमित किया जा सके।
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पीएम के काफिले में सबसे पहले दिल्ली पुलिस सिक्योरिटी स्टाफ की गाड़ी सायरन बजाती हुई आती है। उसके बाद आती है एसपीजी की गाड़ी और फिर दो गाड़ियां आती हैं, इसके बाद लेफ्ट और राइट साइड से दो गाड़ियां आती हैं और बीच में रहती है मोदी की गाड़ी।

मोदी के काफिले में चलने वाली कारों की एसपीजी अच्छी तरह जांच करती है, उनके काफिले में एक जैमर से लैस गाड़ी रहती है, जिसमें दो एंटिना फिट रहते हैं। ये सड़क के दोनों तरफ 100 मीटर की दूरी तक रखे बिस्फोटक को निष्क्रिय कर सकते हैं।

पीएम मोदी के काफिले में एक एंबुलेंस भी चलता है और दिल्ली पुलिस की जिप्सियां हमेशा आगे और पीछे चलती हैं।

जब पीएम पैदल चलते है तो उनके आगे-पीछे सादे कपड़ों में एनएसजी के कमांडो चलते हैं।

एसपीजी के कमांडो के खास खास तरह की राइफल रहती है, जिससे एक मिनट में 800 फायर हो सकता है।

पीएम के करीब रहने वाले गार्ड काले चश्मे पहनते हैं ऐसा इसलिए कि अगर कोई पीएम पर निशाना साधने की हिमाकत करे, तो उसे जवान देंख लें और उसे पता भी नहीं चले कि उसकी गतिविधि पर जवान की नजर है।

प्रधानमंत्री के सात रेसकोर्स रोड स्थित आवास में एसपीजी के 500 से ज्यादा कमांडो तैनात रहते हैं।
पीएम अगर विदेश जाते हैं तो उनकी हवाई यात्रा की जिम्मेदारी एयरफोर्स की होती है। पीएम के एयरपोर्ट पहुंचने से पहले दो विमान तैयार रहते हैं। अगर एक विमान खराब हो जाए तो दूसरे विमान का इस्तेमाल किया जाता है।

पीएम के विमान के उड़ान भरने से पहले पूरे इलाके को नो फ्लाइंग जोन में बदल दिया जाता है।

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